धरती कब तक घूमेगी नाकम पाठ के लेखक 'साँवर दइया ' जी है।
Q1. सीता अपने ही घर में घुटन क्यों महसूस करती है?
उत्तर:- सीता के पति के मरने के बाद उसके घर की दयनीय स्थिति हो गई थी।भाइयों में आपसी मत भेद के कारण वे अपने पत्नी और संतान में ही सिमट गये है। सीता के देख रेख के लिए तीनो बेटे ने एक-एक माह के लिए पाली बाँधी परन्तु सीता किसी भी बेटे के साथ रहती वह मन ही मन दुःखी रहती।अपने मन की व्यथा किसी से कह नहीं सकती है ।इन्ही कारणों से वह अपने ही घर में घुटन महसूस करती है।
Q2. सीता का चरित्र-चित्रण करें।
उत्तर:- सीता अपने तीन बेटों की एक ऐसी असहाय और विवश माँ है जो उनके लिए बोझ बन गई है। बेटे और बहुओं के दुत्कार उसके हृदय को चोटिल कर देता है फिर भी वह कुछ नही कहती है। सीता स्वाभिमानी है वह स्वाभिमान की रक्षा करना भली भांति जानती है। वह मेहनत मजदूरी कर अपने जीवन का निर्वहन कर लेगी पर बेटों से खर्च नही लेगी।
Q3. कहानी का सारांश प्रस्तुत करें।
उत्तर:- धरती कब तक घूमेगी इस पाठ के लेखक साँवर दइया जी है।इस कहानी में उन्होंने सामाजिक मूल्यों एवम उसकी संवेदनाओं को प्रकट किया है।एक माँ अपने संतान के लिए सब कुछ अर्पण कर देती है परंतु वही संतान उस माँ को बोझ समझने लगती है। माँ धरती की तरह होती है वह सब कुछ सहती जाती है और बदले में कुछ नही लेती है। वैसे ही सीता अपने बेटे बहुए के द्वारा उपेक्षित होने पर माँ कुछ नही कहती है। वह समझती थी की उसके बेटे उसकी जीवनरूपी नौका को पार लगायेगे परन्तु वह उन पर बोझ लगने लगी। इस कारण सीता उनके घर को छोड़ कर चली जाती है और मेहनत मजदूरी कर अपना जीवन यापन करती है।
Q4. पाली बदलने पर अपने घर दादी माँ के खाने को लेकर बच्चे खुश होते हैं जबकि उनके माता-पिता नाखुश ।बच्चे की ख़ुशी और माता-पिता की नाखुशी के करणों पर विचार करे।
उत्तर:- बच्चे स्वच्छंद मन के होते है। दादा-दादी, नाना-नानी से इनका काफी लगाव रहता है।अपनी पाली में दादी को पाकर वो ख़ुशी से झुमु उठते है चाहे उनके माता-पिता भले ही खुश न हो,बच्चो में ईष्या ,द्वेष आदि नही होता है।यही कारण है कि पाली बदलने पर बच्चे खुश और माता-पिता नाखुश हो जाते हैं।
Q5.

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