अम्ल,भस्म तथा लवण
=> आज के इस पोस्ट में हम class 10th के chemistry के अम्ल,भस्म तथा लवण chapter को पढेंगे ।
◆ अम्ल (Acid) :- वह पदार्थ है जो स्वाद में खट्टा होता है तथा धातुओं से प्रतिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस मुक्त करता है वैसे पदार्थ को अम्ल कहा जाता है। जैैसे:- हैड्रोक्लोरिक-अम्ल, हाइड्रो
सिरका :- वह पदार्थ जिसमे अम्ल की मात्रा 6•/• से 8•/• तक होता है उस पदार्थ को सिरका कहते हैं।
ओरहेनियस द्वारा अम्ल की परिभाषा
अम्ल वह पदार्थ है जिसका जलीय विलयन हाइड्रोजन अयन (H+) देता है।
जैसे :- HCl,HNO3,CH3COOH etc.
नोट :- कुछ अम्ल विषैले जैसे फिनॉल या कार्बोलिक अम्ल आदि तथा कुछ अम्ल तिव्रनाशक एवम हानिकारक भी होते हैं जैसे सल्फ्यूरिक अम्ल,नाइट्रिक अम्ल आदि।
सल्फ्यूरिक अम्ल का उपयोग गाड़ियों की बैट्री में तथा नाइट्रिक अम्ल का उपयोग खाद एवम विस्फोटक बनाने में किया जाता है।
सल्फ्यूरिक अम्ल का उपयोग गाड़ियों की बैट्री में तथा नाइट्रिक अम्ल का उपयोग खाद एवम विस्फोटक बनाने में किया जाता है।
● कुछ प्राकृतिक पदार्थ जिनमे अम्ल पाये जाते हैं
1) सिरका => ऐसीटिक अम्ल
2) टमाटर => ऑक्जेलिक अम्ल
3) चाय => टैनिक अम्ल
4) सेब => मैलिक अम्ल
5) इमली => टार्टरिक अम्ल
6) लाल चींटी => फॉर्मिक अम्ल
7) नीबू या संतरा => सिट्रिक अम्ल
8) विटामिन C => एस्कोर्बिक अम्ल
9) आमाशय => हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
◆ भस्म (Base) :- वह पदार्थ जो स्वाद में कड़वा होता है तथा अम्ल को उदासीन कर लवण बनाता है वैसे पदार्थ को भस्म कहा जाता है। जैसे :- NaOH,KOH आदि ।
ओरहेनियस द्वारा भस्म की परिभाषा
भस्म वह पदार्थ जिसका जलीय विलयन हाइड्रा-ऑक्साइड आयन(OH-) देता है । जैसे :- NaOH,KOH,NH4OH,etc .
नोट:- जल में घुले भस्म को क्षार कहते है।
● विधुत अपघट्य :- वैसे अम्ल,भस्म तथा लवण का जलीय विलयन जो विधुत का संचालन करते हैं, उन्हें विद्युत-अपघट्य कहते हैं।
जैसे :- NaCl , HCl ,NaOH etc.
● विधुत-अनापघट्य :- वैसे अम्ल, भस्म तथा लवण जिनका जलीय जो विधुत का संचालन नही करते हैं ,उन्हें विधुत-अनापघट्य कहते हैं।
जैसे :- एल्कोहॉल, ग्लूकोज, आदि ।
लवण (salt)
● अम्ल और भस्म की प्रतिक्रिया से लवण का निर्माण होता है। जैसे:- NaOH +HCl------>NaCl +H2O.
● लवण को तीन वर्गों में बांटा गया है----
1) सामान्य लवण 2) अम्लीय लवण 3) भास्मीक लवण
● सामान्य लवण :- वैसे लवण सामान्य लवण कहलाते हैं जिनमे हाड्रोजन या हाड्रो-ऑक्सिल समूह विस्थापनशील नही होते हैं।
जैसे :- Na3PO4 , KNO3 ,CuSO4 ,NaCl,KCl etc.
● अम्लीय लवण :- वैसे लवण को अम्लीय लवण कहते हैं जो किसी भस्म द्वारा किसी अम्ल के अपूर्ण उदासीनीकरण से बने होते है। जैसे :- NaHSO4 ,NaH2PO4,Na2HPO4 etc.
● भास्मिक लवण :- वैसे लवण जिनके अणु में एक से अधिक हाइड्रो-ऑक्सिल समूह पाये जाते हैं उन्हें भास्मिक लवण कहते हैं।
जैसे :- Pb(OH)NO3 ,Ba(OH)Cl, etc.
लवण का pH मान
1) जब दुर्बल अम्ल और प्रबल भस्म से लवण का निर्माण होता है तो उसका pH मान 7 से अधिक होता है।
2) जब प्रबल अम्ल और प्रबल भस्म से लवण का निर्माण होता है तो उसका pH मान 7 होता है।
3) जब प्रबल अम्ल और दुर्बल भस्म से लवण का निर्माण होता है तो उसका pH मान 7 से कम होता है।
घरेलू उपयोग में आने वाले कुछ लवण
1) कॉस्टिक सोडा (सोडियम हाइड्रा-ऑक्सएड NaOH)
=> इसका निर्माण क्लोर-ऐल्कली विधि द्वारा किया जाता है।इस विधि के अंतर्गत सोडियम क्लोराइड के संतृप्त जलीय विलयन का विधुत-अपघटन करने पर क्लोरीन आयन ऑक्ससीकृत हो कर एनोड पर चला जाता है तथा सोडियम आयन Na धातु में परिणत को कर जल से प्रतिक्रिया कर लेता है जिसके फलस्वरूप NaOH का निर्माण होता है।
कॉस्टिक सोडा का उपयोग साबुन या अपमार्जक,कागज बनाने में तथा प्रयोगशाला में अभिकर्मक के रूप में किया जाता है।
2) साधारण नमक (सोडियम क्लोराइड NaCl )
=> भारत देश में 95 •/• नमक (साधारण नमक) समुद्री जल के वाष्पीकरण द्वारा बनाया जाता है , परन्तु इससे जो नमक प्राप्त होता है वो शुद्ध नही होता है उसे शुद्ध कर तथा आयोडीनयुक्त बनाकर बाजारों में बेचा जाता है। इसके अलावा नमक चट्टानों से भी प्राप्त किए जाते हैं।
सेंधा एवम काला नमक जमीन के खदानों से प्राप्त किए जाते हैं।
3) सोडियम बाइकार्बोनेट या सोडियम हाड्रोजन कार्बोनेट
या (खाने वाला सोडा NaOH3 )
=> इसका निर्माण अमोनिया -सोडा विधि या साल्वे विधि द्वारा किया जाता है तथा इसका उपयोग बेकिंग पाउडर बनाने , अग्निशामक यंत्र आदि में किया जाता है।
● उत्फुल्लन (Efflorescence): - जब Na2Co3 को हवा में खुला छोड़ दिया जाता है तो यह सोडियम कार्बोनेट मोनो-हाइड्रेट का चूर्ण बनने लगता है ,इस घटना को उत्फुल्लन कहा जाता है।
● धोने वाला सोडा या सोडियम कार्बोनेट ( NaCO3 • 10H2O )
=> इसका भी निर्माण अमोनिया-सोडा विधि या साल्वे विधि द्वारा किया जाता है।
इस विधि के अंतर्गत CO2 (कार्बन-डाई-ऑक्साइड)
गैस को अमोनिया गैस से संतृप्त सोडियम क्लोराइड के संतृप्त
जलीय विलयन में प्रवाहित की जाती है तो सोडियम बाई कार्बोनेट प्राप्त होता है।
Nacl+H2O+CO2+NH3------> NH4Cl + NaHCO3
सोडियम बाई कार्बोनेट को गर्म करके सोडियम कार्बोनेट या धोने वाला सोडा प्राप्त किया जाता है।
2NaHCO3-----∆----> Na2CO3+ CO2 +H2O
● धोने वाले सोडे का उपयोग-----
1) कपड़ा धोने में
2) प्रयोगशाला में
3) जल का स्थायी खारापन दूर करने में
4) काँच, कागज,साबुन उत्पादन में
● प्लास्टर ऑफ़ पेरिस (CaSO4)2• H2O या कैल्सियम
सल्फेट हेमिहैड्रेट [CaSO4•1/2 H2O ]
S.science Ka all subject Ka beje plase
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ReplyDeleteS.science Ka all subject Ka beje plase
मस्त
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